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कुछ बातें ,…बस यूं ही !

Posted On 7 Jun, 2016 Others में

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आदरणीय मित्रों ,…सादर प्रणाम

आज यूं ही कुछ लिखने का मन हुआ तो कुछ शब्द टपक पड़े ,…आशा करता हूँ कि आपको पढ़कर अच्छा लगेगा :.

जय जाट ….

हरियाणा के जाट फिर आन्दोलन की राह पर हैं ,…….उनका पिछला आन्दोलन डरावना और विशुद्ध बदमाशी था ,…….जबतक नईनवेली सरकार कुछ समझती तबतक हरियाणा पर उत्पातियों का कब्ज़ा हो गया था ,…कई इंसानी जानें चली गयी ,….तमाम निजी सार्वजनिक संपत्ति फूंकी गयी ,…..आम लोगों से बहुत बदसलूकी हुई ,..बलात्कार की अपुष्ट ख़बरें भी चली थी !…….इनसबका कारण क्या था ?……मोटे तौर स्वयं को अगड़े समझने वाले जाटों को आरक्षण चाहिए था ,…वैसे …हरियाणा की अराजकता स्पष्ट कांग्रेसी करतूत थी ,…जाटों को बरगलाया गया ,..लालच हमको कमीना बना देता है ,.. साजिशदान हमारी कमजोरियां जानते हैं ,…..गद्दार गांधियों के खास भ्रष्ट भूपेन्द्र हुड्डा की चंडली बदमाशियों को निर्देशित करती रही !……हमारे कानून के लम्बे सुबूती हाथ कहें .. कटफिट संविधान की शक्ति या राजकीय मजबूरियां कहें .. कमीनेपन का कोई असली कर्णधार गिरफ्त में नहीं आया !….यहाँ निर्देशक गुनाहगार नहीं होता …तालियाँ गालियाँ कलाकारों की किस्मत है…..खैर

उसके बाद हरियाणा सरकार ने बाकायदा जाटों को आरक्षण दे दिया ,..शायद उनकी मांग कुछ वाजिब रही होगी ,… सबको आरक्षण मिलना ही चाहिए ,…..लेकिन अदालत ने किसी कारण से रोक लगा दी ,…अब जाट नेताओं की मांगे अजीब और निश्चित नाजायज हैं ,…..गिरफ्तार बदमाशों को बाइज्जत आजादी चाहिए ,…..मारे गए दहशतगर्दों को शहीदी सम्मान इनाम चाहिए ,…साथ में तगड़ी सरकारी पैरवी चाहिए !….माने बदमाशी का सरकारी लाइसेंस चाहिए !……….कोई स्वाभिमानी सरकार किसी निजी नाजायज मांग को नहीं मान सकती है !…..मानना ही नहीं चाहिए !

जाट बिरादरी अपेक्षाकृत संपन्न है ,..जागरूक मेहनतकशों को संपन्न होना ही चाहिए ,……लेकिन ..क्या जाट नेता सिर्फ बदमाशी के लिए एकजुट हो सकते है ,…..उनको अपने ही गुनाह से पीड़ितों की सहायता खुद मिलकर करनी चाहिए !….  वो सरकारी मुआवजा लेकर बेहूदा मिशाल क्यों कायम करना चाहते हैं !……जाट अदालतों में अपना पक्ष रखने के लिए बहुत अच्छा वकील क्यों नहीं करते ?…….क्या वो अनपढ़ अपाहिज कायर बुद्धिहीन श्रीहीन हैं !…..जाटों की वीरगाथाएं देश जानता है ,..लेकिन इस आन्दोलन से उनके कांग्रेसभक्त नेताओं ने पूरी बिरादरी की इज्जत तार तार कर दी है !…….चंद लोभियों ने अपनी नाक खुद कटाई है !…… जब सबकुछ अदालत से ही होना है तो सड़क पर बदमाशी मनखंजन क्यों !…….जाट समाज ने साजिशों में फंसकर सबके साथ अपना भी भारी अहित किया है ….देश की तरह हरियाणा में भी भाजपा सरकार का आना कुकर्मी कांग्रेस को कतई मंजूर नहीं है ,….मृतप्राय काली कांग्रेस सक्षम समर्पित सत्यनिष्ठ सरकार के खिलाफ हरसंभव साजिशें करना चाहती है ,…साजिशों से अपने लिए संजीवनी चाहती है ,…..गिरे हुए गिरगिटों के बूते उनकी साजिशें कुछ कामयाब भी होती हैं !…….हरियाणा की हुड्डा-वाड्रामय सरकारी मशीनरी अबतक खूब खायी होगी ,….वहां खेमका जैसे कुछ लोग शायद ही बचे होंगे ,……अब ..सच्चे संघी मनोहर राज में किसी को मानवता की मुसल्लम बोटियाँ नहीं मिल सकती ,…अतः साजिशों में सब मक्कारों की शामिलियत वक्ती सहूलियत जरूरत रही होगी !…….सीधे सादे आम जाट बेचारे मोहरा मात्र ही बने !…………कुछ बदमाशों को आगे कर उन्मादी नशा देकर उनसे गुनाह कराये गए ,… गुनाह आम माफ़ी के काबिल नहीं हैं !…….पर्दे के पीछे रहे सूत्रधारों को भी पकड़ना चाहिए !

आम जाटों को यत्नपूर्वक सच समझना चाहिए ,… जयकार लाठी के जोर पर भय फैलाकर नहीं होती है ,..बद्सलूक इंसान किसी माँ का बेटा नहीं हो सकता ,…बाप का पता लगाना भी बेकार है !…..उन्माद में इंसान पतित राक्षस बन जाता है ,…….कुछ जाट नेता अब भी कुत्सित कांग्रेस की कठपुतली बने हैं ,…..हम लोगों को समझना चाहिए …..शिकारी जालों से बचकर ही हम उन्नति कर सकते हैं ,..आज हरियाणा में सच्ची सरकार है ,.मिलकर कुछ सार्थक उत्पादक मानव हितकारी काम करने चाहिए ,…….हिंसक प्रदर्शनों में कोई भी जीते ,…जनता देश प्रदेश को हारना ही होगा ,…….जाट आन्दोलन बिलकुल नाजायज है ,……इससे सामजिक एकता पर गंभीर चोट पहुंची है !………वैसे स्वामीजी समेत कई महापुरुषों ने खंडित हुई सामजिक एकता फिर लाने का प्रयास किया है ,……देश उनकी सनातन सफलता की कामना करता है !..

……………………………………..

बिहार में बहार है –

वैसे आजकल बिहार में भी बहार है ,….क्योंकि फिर नितीशे कुमार है ,….सच्ची आमजनता और सच बोलने वाले पत्रकारों में बहुत दहशत है ,….इंसानी जान दारू से सस्ती है ,…..जंगलराज में सुरक्षित अपराधी जेल से ही शाही साम्राज्य चलाते हैं ,….शराबबंदी ताड़ीबंदी के बीच हत्या रंगदारी अपहरण लूट कब्ज़ा चोरी कमीशनखोरी सीनाजोरी उफान पर हैं ,…..नेता लोग औलादों चमचों सहित मस्त हैं ,… जनता को पस्त ही रहना चाहिए !…….इशरतजहाँ के बेशर्म बापजी ने शिक्षा में भी महान क्रांति कर दी है ,…..बिहार के टापर अपने विषय का नाम तक नहीं बता पाए !…………दशक से ज्यादा मुख्यमंत्री रहकर नितीश को अब व्यवस्था में कमी नजर आई है …वाह हुजूर ,..बस वाह ही वाह है !….महानतम तक्षशिला नालंदा की आत्माएं भी नितीश की वाह वाह में होंगी ,…….कहने को कुछ बचता है !…..बिहार की असली बहार तिकड़मी तिकड़ी की पंहुच से बहुत बहुत दूर लगती है !

……………………….

गुंडागर्दी के नेताजी  –

इधर मथुरा काण्ड समाजवादी बेशर्मी की ताजा घिनौनी मिशाल बन गया है ,……खानदानी राजपुरुषों ने एक मनोरोगी दहशतगर्द को भरपूर संरक्षण दिया ,…स्थानीय प्रशासन की हर सूचना शिकायत मनुहार को वर्षों तक दरकिनार किया गया ,…सहयोग की हर मांग को ठुकराया गया !…..क्यों ??…… क्या रामवृक्ष के बहाने जवाहरबाग को नेताजीनगर बनाने का कोई जुगाड़ था ,…..विश्वप्रसिद्द विरासती शहर में दो सौ अस्सी एकड़ जमीन की कीमत के लिए रिजर्व बैंक को नए नोट छापने पड़ सकते थे !….दाल बिगडती देख लात पीछे करनी पडी होगी ,…सम्बन्ध सुबूतों को मिटाने के लिए पालतू मनोरोगी को मिटाना जरूरी रहा होगा ,…तो पहले अपने ही सिपाहियों को मरवाया गया ….उनको तो मरना ही था !…. जनता अधिकारी सुरक्षाकर्मी मरे तो नेताजी का क्या बिगड़ता है ……भटकी जनता का हाल क्यों पूंछे …वो तो कुकर्मी नेताओं के पालतू पशुमात्र थे !…….पुलिस अधिकारियों को भी शहीदी सलाम ठोंककर भुलादिया जाएगा !……अधिकारी फेंटकर मुद्दे से इतिश्री हो जायेगी !…..सीबीआई जांच हुई तो सबको पता है कि समाजवादी धोती पैजामे के भीतर क्या क्या निकलेगा !

बिसाहडा काण्ड में भी अब खुलासे हो रहे हैं ,…….अखिलेश सरकार में चोरी सीनाजोरी से बेहिसाब गौहत्यायें होती हैं ,….तस्करों को सफाई से सत्ताई संरक्षण मिलता है ,..चढ़ावा भी पहुँचता ही होगा !……गौमांस की गली गली गुप्त डिलेवरी होती है ….. गौभक्त ही नहीं अनेकों पुलिसवाले क्रूर बेख़ौफ़ तस्करों के शिकार बन चुके हैं …….गौभक्षक अखलाक भी गिरी इंसानियत का दागदार नमूना था ,..उसने गौवंश की चोरी फिर हत्या की ,…..सभ्य समाज में किसी की हत्या/वध नहीं होना चाहिए ..लेकिन हमें सभ्यता आई कहाँ !…आई होती तो आतंकियों की सरपरस्त कांग्रेस बहुत गहरे दफ़न होती !……….शैतान साजिशदानों का कोई नामलेवा न होता !….यहाँ कई राज्य और महत्वपूर्ण राज्यसभा उसके हवाले है ,..केंद्र की आधी विधायिका कांग्रेसियत के पास है ,..कार्यपालिका की स्थाई मशीनरी पर उनके बहुतायत गुलाम जमे हैं ,…..न्यायपालिका का सौदा किसी भी समझ से बाहर है ,..नीचे से ऊपर तक भ्रष्टाचार है ,..मात्रा कम ज्यादा हो सकती है !…मुख्य न्यायाधीश अपनी छुट्टियों व्यस्तताओं पर रो सकते हैं तो न्याय की गुणवत्ता भगवान् ही बचाए !….लम्बे कांग्रेसी राज में हमें भयानक हानि हुई है ,……..न्यायपालिका के लिए जैसे ‘खगही जाने खग की भाषा’ ..वैसे , जज ही जाने जज की माया !……..इधर खबरपालिका में अधिकाँश पुराने बिकाऊ हैं ,…हरियाणा के बड़े पुलिस अधिकारी ने अपराधियों से मुकाबले के लिए आम जनता को कानूनी प्रोत्साहन समझाया ,…तो अल्पज्ञ बिकाऊ मीडिया ने विवादित बयान बताकर भर्त्सना की ,…..बहरहाल …भारतभक्त मोदी सरकार को रोकने के कई प्रबंध हैं ,..लेकिन सबको फेल ही होना है !……देशी विदेशी समाज में भारतीय लोकप्रियता रोकने के लिए फर्जी असहिष्णुता की पालतू कलाकारी दिखाई गयी ,…मोदीजी के हर सफल विदेशी दौरे के बाद कुछ कांग्रेसी सिपहसालार उस देश में दुष्प्रचार करने जाते हैं ,…..मोदीजी भी उनकी ही भाषा में विदेश से कुछ ज्यादा खाल खींचते हैं …..हमको मजा भी आता है !…..वैसे इससे किसी का भला नहीं होने वाला है ,……हम निश्चित ही नकारे नमकहराम हैं !…..लेकिन सकारात्मकता बहुत बलशाली है ,…भारतीय पक्ष में बहुतेरी सकारात्मकता है !..सबकाम अपने सही समय पर पूरे होंगे !……ज्यादा बातों से बात बिगडने की संभावना ज्यादा है ,…कमीनों पर कारगर कार्यवाही होनी चाहिए !…….मुद्दे से भटक ही गए .

वापस आते हैं ….. अखिलेश सरकार की कारगुजारियां बहुत ज्यादा बेहूदा हैं ,…बहुत बड़े मसले पर सीबीआई जांच नहीं कराई ,….क्या क्या छुपाया गया !……अखलाक को नाजायज मुआवजा देना और गौभक्तों को प्रताड़ना देना राजधर्म पुण्यकर्म है क्या !………समाजवादी सरकार में सामजिक बिखराव को बढ़ाया गया !…. जातिवादी खौवों द्वारा मुस्लिम वोटो को कैद करने की साजिश हुई !….अखलाक को आम मुसलमानों का प्रतीक बनाने की कुत्सित कोशिश हुई !……क्या इससे इस्लाम का भला होगा !….ऐसे कुकर्मों से देशभक्त मुसलमानों को भी मानसिक प्रताड़ना मिलती होगी !…. अमानवीय अखिलेश के झूठ और बेनकाब हो गये हैं ,…….बरामद गौमांस को बकरा मांस बताया गया ,..गुंडागर्दी की कोई हद भी है क्या !…..ये भी हमारे माननीय नेता हैं ,….हम वाकई बहुत बड़े बेशर्म हैं !…लेकिन हमें संयम साधना को ही प्रमुखता देनी चाहिए !

……………………..

महाराष्ट्र से-

भ्रष्टाचार में फंसे मंत्री एकनाथ खडसे का इस्तीफ़ा हो गया है ,….उनपर दाऊद इब्राहीम से बात करने के आरोप भी हैं ,… परिणामपरक जांच होनी ही चाहिए ,……उनके कुछ छुटभैय्ये समर्थक चमचे पार्टी पर इस्तीफे से दबाव बना रहे हैं ,…देवेन्द्र सरकार पूर्ण बहुमत से कुछ दूर है ,…ठाकरे भाई लोग अपनी ताक में होंगे ,…वहां भाजपाई राजकौशल परीक्षारत है !..

अंततः -

हम सब परीक्षारत हैं ,..मानव आजीवन परीक्षारत रहता है ,….रहना भी चाहिए !….परीक्षा में मानवता की सुन्दरता निहित है !……लेकिन स्वार्थ में साजिशें करना मानवता से अपराध है ……यहाँ श्री श्री जी की विश्वव्यापी संस्था पर जुर्माना होता है ,….वो भी अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन के लिए ,…आर्ट ऑफ़ लिविंग अपने तरीके से मानवता का स्तर सुधारती ही है ,…….श्री श्री जी सभी गुरुओं की तरह प्रकृति आत्मा ईश्वर के प्रति प्रेम सजगता का सन्देश देते हैं ,…उनसे कैसे क्या कितना गुनाह हुआ ?….एनजीटी का उद्देश्य कानून क्या है ?……पूरी व्यवस्था में कहाँ कहाँ कितनी कान्ग्रेसियत घुसी है ?…….भगवान् ही जाने !……….हे ईश्वर !……हम कब सचेत होंगे !…..होंगे जरूर !

ॐ शान्ति

भारत माता की जय !

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Kanwaljit Bhullar के द्वारा
February 18, 2017

सादर प्रणाम संतोष जी, बहुत अच्छा लिखा है आपने …बहुत दिनों बाद अब मैं भी वापिस आया हूँ ब्लॉग पर…उम्मीद करता हूँ ब्लॉग पर आपसे मुलाक़ात होती रहेगी.

Rose के द्वारा
October 17, 2016

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sadguruji के द्वारा
June 18, 2016

आदरणीय संतोष कुमार जी, विचारणीय लेखन और ‘बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक’ चुने जाने की हार्दिक बधाई ! आम जनता मोदी जी को देश की सत्ता पूर्ण बहुमत से जरूर सौपी है, किन्तु लोभ-लालच और गुलामों वाली मानसिकता से ऊबर नहीं पाई है ! विकास के लिए वोट दिए हो तो शांतिपूर्ण माहौल बना सरकार को काम तो करने दो ! अच्छी प्रस्तुति हेतु सादर आभार !

    Santosh Kumar के द्वारा
    June 18, 2016

    आदरणीय सद्गुरुजी ,..सादर प्रणाम ,……सुन्दर प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार

jlsingh के द्वारा
June 17, 2016

प्रिय संतोष जी, काफी दिनों बाद आपका आलेख एक नए कलेवर में पढ़ने को मिला. साथ ही आपको साप्ताहिक सम्मान की बधाई ! अपनी कई चीजों पर या कहें तो समग्र रूप से सबको सोचने और अपना कर्तव्य सही ढंग से निभाने को चेताया है वरना तो हम देख ही रहे हैं. अन्ना के आंदोलन का असर बस यही हुआ की कांग्रेस धराशायी हो गए और उनके कुछ चेले सत्ता में दाखिल हो गए. जनता तो आज भी निरीह है कल भी थी. मोदी जी भरपूर कोशिश कर रहे हैं पर पूर्ण सफलता से अभी कोसों दूर हैं. अब दोष किसे देना शिकन्दी को बनाकर ढाल अर्जुन, बना गांगेय का जो काल अर्जुन … उसके आगे जो भी महाभारत में हुआ क्या आज भारत में नहीं हो रहा है? उंगलियां उठाना तो आसान है उसे मुट्ठी बना ताकत लाना अलग है. हम सभी उंगलियां ही उठा रहे हैं, मुट्ठी नहीं बना पा रहे हैं. ‘वृथा है पूछना किसने किया क्या, जगत् के धर्म को सम्बल दिया क्या ! सुयोधन था खडा कल तक जहां पर, न हैं क्या आज पाण्डव ही वहां पर ?’ ‘उन्होंने कौन-सा अपधर्म छोडा ? किये से कौन कुत्सित कर्म छोडा ? गिनाऊं क्या ? स्वयं सब जानते हैं, जगद्गुरु आपको हम मानते है ।’ ‘शिखण्डी को बनाकर ढाल अर्जुन, हुआ गांगेय का जो काल अर्जुन, नहीं वह और कुछ, सत्कर्म ही था । हरे ! कह दीजिये, वह धर्म ही था ।’

    Santosh Kumar के द्वारा
    June 18, 2016

    सार्थक अवं विस्तृत प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार आदरणीय !…..सादर प्रणाम सहित !

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
June 16, 2016

जब आवे संतोष धन सब धन धूरी सामान ,ओम शांति शांति जपने से ही संतोष मिल सकताहै ।

    Santosh Kumar के द्वारा
    June 18, 2016

    सादर प्रणाम एवं हार्दिक आभार आदरणीय हरिश्चंद्र जी !

Shobha के द्वारा
June 16, 2016

श्री संतोष जी अलग शैली में राजनीतिक चित्रंण अति सुंदर “हम सब परीक्षारत हैं ,..मानव आजीवन परीक्षारत रहता है ,….रहना भी चाहिए !….परीक्षा में मानवता की सुन्दरता निहित है !……लेकिन स्वार्थ में साजिशें करना मानवता से अपराध है लेख का सार है

    Santosh Kumar के द्वारा
    June 18, 2016

    सादर प्रणाम एवं हार्दिक आभार आदरणीया !

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
June 15, 2016

जबरदस्त और करारा तमाचा मारता हुआ ये आलेख आँखें खोलने को विवश करता है ..बहुत बहुत बधाई संतोष जी बेस्ट ब्लॉग आफ दी वीक के लिए ..हम सब बच्चे सा बस एक ही वाक्य चाँद खिलौना लैन्हों पर जिद करते रहें और हमें बिन भूख थाली परोसी जाती रहे तो सोचना क्यों काम और मेहनत क्यों करना ..आज हालात बदतर होते जा रहे हैं जो चीजें जायज नहीं है उनका समर्थन न जनता से न सरकार से होना चाहिए नहीं तो ऐसे ही अकुशल लोग बंटाधार कर देश को चूना लगाते रहेंगे ..क्या कहें बस आप का अंतिम वाक्य दुहराता हूँ … .भगवान् ही जाने !……….हे ईश्वर !……हम कब सचेत होंगे !…..होंगे जरूर ! ॐ शान्ति

    Santosh Kumar के द्वारा
    June 18, 2016

    सादर प्रणाम एवं हार्दिक आभार श्रद्धेय !


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