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फालतू भाप !

Posted On 7 May, 2016 में

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फालतू भाप !

देश सूखे की मार से बेहाल है ,…मानव दानव जीव वनस्पति सब मर रहे हैं ,….केंद्र सरकार हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध लगती है ,…….लातूर के बाद बुंदेलखंड में भी जलरेल भेजी जा रही है ,..लेकिन यहाँ के विदेशी पास टीपू सुल्तान को यह गवारा नहीं है …अपनी रियाया को उसके हाल पर छोड़ना खानदानी समाजवादी हक़ है ,……..उनकी जागीर में सहायता देने वाला केंद्र कौन होता है ,..देना ही था तो पानी में साइकिल वाला झंडा फोटू क्यों नहीं लगाया ……या फिर नकदी खाने पीने को देते …..यहाँ प्रमाणित खाऊलालों का राज है ,..ये अपने दफ्तरों में लोहियाजी की तस्वीर भी लगाते हैं ,…. यहाँ का लेखपाल भी हिस्सा लेकर ही आपदा राहत देता है ,…वो भी क्या करे ऊपरवालों को हिसाब देना पड़ता है ! ….वैसे बेशर्मी की कोई हद नहीं होती ….हम इसके पहले प्रत्यक्ष प्रमाण हैं …..आज तक एक पैसा नहीं सुधरे !…..खैर …मुलायम जी को अपनी औलाद से आगे कुछ दिखता ही नहीं ,…चश्मा चुश्मा लगाकर शायद भाई भतीजे चमचे लोटे भी दिखते होंगे …..आत्मा कचोटती होगी तो बदमाश बच्चे को झूठमूठ में हड़का देते हैं ,..कार्यकर्ताओं को गरिया देते हैं ,..लेकिन देखते कुछ नही …….देखें भी कैसे ..सब तरफ से माल ही माल आता है ,…हर मंत्री विभाग नेता अधिकारी ठेके पर है ,…मुख्यमंत्री केवल माल गिनते और प्यादे फेरते हैं !….टीपू का एक मतलब नकलची भी है और नेता जी नक़ल के पुराने पक्के समर्थक भी हैं ,….. बुढौती में नजर कमजोर होना आम है ,..लेकिन टीपू भैय्या को लहलहाते नोट और कुटकुटाते आजम से ज्यादा कुछ क्यों नहीं दिखता !……पुराने पहलवान की औलाद का यह हाल !…..जनता का हाल कैसे पूँछें ?…….वैसे इनका हाल बहुत बुरा होने वाला है ,…….साइकिल चलाकर सब्जी सब लाते हैं ..लेकिन इससे गुप्त खजाने भरने का फार्मूला केवल मुलायम एंड संस के पास है !…..  हाथी वाली बुआजी से भी बहुत कुछ सीखा होगा !…..फिलहाल उनको कुछ और भी सीखना चाहिए !….परेशान जनता का कानपुरिया कंटाप खाऊ खानदान की नाक काट सकता है !…..टेढ़ी तो चल सकती है …..कटी तो क्या करोगे लल्ला !

एक और माननीय मुख्यमंत्री महोदय हैं ,…नाम – केजरीवाल बिन तुगलक …. काम – कभी भी बदल सकते हैं !….इनको देश प्रदेश जनता समस्या से ख़ास लेना देना नहीं है ,….ख़्वाब केवल प्रधानमंत्री बनने का है ,…नींद खुमारी बीमारी इलाज काम धंधा सब उसीके लिए है ,….जबरदस्त जुगाड़बाजी जारी है !…..पूरे देश में बड़े बड़े विज्ञापन ,..हाई फाई इमेज मेकर अभियान !……जनता का करोड़ों रुपया निजी विज्ञापनों में खाकर जश्न मनाकर धीरे से कह देते हैं ,…आड इवेन सफल नहीं हो सकता जी !…..लेकिन हम कोई नयी स्कीम जरूर लगायेंगे जी !……वैसे इनके चमचे फर्जी सीएनजी स्टीकर बेंचकर ही मालामाल हो गए होंगे …चमचे में माल है तो मुंह में ही जाएगा जी !…फंसने का कोई खतरा भी नहीं है !……पूरी दिल्ली सरकार सात सौ किलोमीटर दूर सुल्तानपुर में वीआईपी पूरी छोले खाने आती है ,…कमाल के आम आदमी हैं ये ,..इनके जैसे अन्य आम न देखे गए हैं न कोई संभावना लगती है !……किसान हित में किसान को खुद फांसी पर चढ़ा देते हैं ,….वैसे …आजकल मोदी की डिग्री के पीछे पड़े हैं !……चार दिन पहले संतुष्ट भी हो गए थे ,…फिर कोई ओड इवेन नालायकी की बात न करे सो फिर पोटासे हो गए !…..शायद चाहते होंगे कि इनका सेट किया पेपर मोदी को हल करना ही चाहिए …..केजरीवाल तभी मानेंगे !……या फिर अपने फ्राडी साथियों से ज्यादा नंबर वाली अंकतालिका बनवा देंगे ……इनके हिसाब से सबको शुगर खांसी होनी ही चाहिए !…….इनको मोदी या अन्य देशभक्तों का कोई पुरुषार्थ प्रयत्न त्याग समर्पण दिख ही नहीं सकता है ,….जिसको दिखा उसे फट से भक्त की श्रेणी में डाल देते हैं !…दरबारी राग में गाने वाले संगी साथी भी हैं ,….हमारी तरह इनको भी भक्त और भक्ति का मतलब ही नहीं पता ….इनके जैसी घटिया आत्ममुग्ध चालू मंडली को समर्थन देने वाले को आत्मग्लानि जरूर होती होगी !…..किसी को नहीं होती है तो कभी अवश्य होगी !….वैसे इनके भ्रष्टाचार विरोधी गुरुवर भी ऐसे ही हैं !……सुबह बोलते हैं “अच्छा हुआ केजरीवाल से नाता टूटा” ,…अगले दिन शाम को …. “ मेरा केजरी पक्का आदर्शवादी है ”………वैसे नकली देशभक्तों को ज्यादा सावधानी की सलाह रखनी चाहिए …..पक्के भक्त तेजी से बढ़ रहे हैं !

खैर ये प्रेशरकुकर की फालतू भाप है …दाल अभी तक अन्दर है !…..वैसे …आजकल दाल फिर बहुत मंहगी है ,…सूखा, कम उत्पादन एक तथ्य हैं ,…जमाखोरी, हरामखोरी दूसरा तथ्य है !…..मोदी सरकार को दोनों से निपटना है ,…..जनहित की सतत निगरानी उनका दायित्व है !……काले कांग्रेसी राज में खूब फले फूले कुकर्मी कमीने अपने आकाओं से मिलकर छोटी बड़ी साजिशें रचते ही रहेंगे !………वास्तव में असली और सबसे बड़े कमीने हम ही हैं ,……..किसी निगाह से ये बेचारे तो मासूम बेबस और लाचार हैं ,…इनसे तनिक सहानुभूति भी होनी चाहिए !……सबसे बड़ी सहानुभूति सोनिया एंड कंपनी के साथ होनी चाहिए !..कहते हैं कि सात घर डायन भी छोड़ती है ,…कांग्रेसी मोहतरमा ने मायका तक नहीं छोड़ा ,….भारत का सबकुछ खूब खाया …बाकी पाचनतंत्र पर निर्भर है !……अगस्ता काण्ड में घूस देने वाले जेल गए ,…लेने वाले अबतक संसद बेल में बोलते हैं ,…..खानदानी नटवरलालों को अब लोकतंत्र की चिंता होने लगी है …सड़क पर मार्च करना पड़ता है ,….चालू चेले चमचे किसी तरह से बचाव करने में जुटे हैं ,..थूथन पर लाठी खाकर भी मुस्काना पड़ता है !…..लेकिन जो जनता है वो सब जानती है !….सरकारी सबूत जलाए जा सकते हैं ….लेकिन .. पाद सूंघकर भी सब पता चलता है !…….राष्ट्रद्रोहियों को उनकी सही जगह पहुंचना ही होगा !….. लम्बे कातिल कांग्रेसी राज में नखशिख तक सम्पूर्ण तंत्र काहिल खाऊ भ्रष्ट हो गया है !….निष्पक्ष कहाने वाली मीडिया अधिकतर घोर दलालों के शिकंजे में है ,……लेकिन इन सब का जिम्मेदार कोई गद्दार गांधी नेहरू नहीं है ,….अपनी हर बर्बादी के जिम्मेदार सिर्फ हम हैं !…अपनी मूर्खताओं से प्यार करना हमें बहुत मंहगा पड़ा ,…अब शिखर पर सच्चे और पक्के राष्ट्रभक्त हैं तो मजबूत अच्छी आशा अवश्य ही बनती है !…देशभक्त मानवतासेवी सरकार में और अच्छे दिन आते जायेंगे !

वन्देमातरम !

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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Andi के द्वारा
October 17, 2016

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Shobha के द्वारा
May 12, 2016

संतोष कुमार जी बहुत अच्छा व्यंग पहले समझने में थोड़ी मुश्किल आई समझने पर हंसी आई अपनी हर बर्बादी के जिम्मेदार सिर्फ हम हैं !…अपनी मूर्खताओं से प्यार करना हमें बहुत मंहगा पड़ा ,…अब शिखर पर सच्चे और पक्के राष्ट्रभक्त हैं तो मजबूत अच्छी आशा अवश्य ही बनती है !…देशभक्त मानवतासेवी सरकार में और अच्छे दिन आते जायेंगे ! अति सुंदर बात कही है आपने

    Santosh Kumar के द्वारा
    May 13, 2016

    सादर प्रणाम एवं आभार आदरणीया !

sadguruji के द्वारा
May 11, 2016

आदरणीय संतोष कुमार जी ! सादर अभिनन्दन ! सार्थक और विचारणीय व्यंग्य से परिपूर्ण सुन्दर आलेख ! आपकी बात से सहमत हूँ कि राष्ट्रद्रोहियों की सही जगह जेल है, जहां उन्हें शीघ्र से शीघ्र पहुंचाया जाना चाहिए ! वो चाहे नेता हों या फिर बिकाऊ मीडिया के दलाल ! मोदी सरकार को इस मामले में कोई कोताही या नरमी नहीं बरतनी चाहिए और न ही भ्रस्ट राजद्रोहियों से कोई समझौता करना चाहिए ! मंच पर उत्कृष्ट प्रस्तुति हेतु हार्दिक आभार !

    Santosh Kumar के द्वारा
    May 13, 2016

    सहमतिपूर्ण प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार आदरणीय !….सादर प्रणाम

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
May 7, 2016

जी चाहे कोई चाटुकारिता करे या दलाली ..ये जनता सब कुछ जानती हैं ..याद भी रखती है …सुन्दर लेख ..व्यंग्य कटाक्ष के साथ संतोष भाई जय श्री राधे भ्रमर ५

    Santosh Kumar के द्वारा
    May 8, 2016

    सादर प्रणाम श्रद्धेय !


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