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असतो मा सद्गमय !

Posted On: 16 Jun, 2015 Others में

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आदरणीय मित्रों ,..सादर प्रणाम

तमाम अच्छी बुरी मतलब बेमतलब ख़बरों के महाजाल में कुछ ख़बरें डांवाडोल इंसानियत को और हिला देती हैं ……बाजारू बोझ से मृतप्राय समाज में बलात्कार की ख़बरें बहुत आम लगती हैं ,……………हमारी सोई रूह तब जरा सा कांपती है जब कोई मानसहीन इंसानी भेड़िया किसी अबोध को नोचता है …या …कुछ दरिन्दे मिलकर किसी शक्ति का शिकार करते हैं !…….. मीडियाई मोमबत्ती के शोर में हम भी मुट्ठियाँ भींचकर दीवार पर तान देते हैं ,……जाने हमारी बेहोश चेतना कब जागेगी !……..हमारा इलाज तो भगवान् ही जानें लेकिन देश के सक्षम कर्णधारों को जागते ही रहना चाहिए !…..पुलिस प्रशासन राजनीति सबमें अपराधी मानसिकता कठोरता से जम गयी है ,……लेकिन हमारे प्रधानमन्त्री जी उच्च मानवतावादी हैं ,….सच्चे देशभक्त सक्षम राजनेता कुशल प्रशासक हैं …. योग साधक भी हैं !……वो बार बार स्वयं को भारत का प्रधान सेवक कहते हैं ,….देश पूरी गहराई से इस बात को मानता है ,.उनके परिश्रम को जानता है ….उनके विपक्षी भी जरूर जानते होंगे! ….कुटिल मानसिकता का भययुक्त होना स्वाभाविक लगता है ,…….ईश्वरीय व्यवस्था में सबको न्याय मिलना सुनिश्चित है ………..किन्तु मानव समाज को पुष्ट करने के लिए घिनौने अपराधियों को शीघ्रतम कठोर दंड मिलना ही चाहिए !…..हमको ढुलमुल सरकारी ढाँचे से उठकर कठोर कानून बनाना चाहिए !…..वहशियों को कठोरतम सजा क्या मानवता की आवश्यकता नही है ?….आज सजा का खौफ हर नशे उन्माद से ऊपर होना चाहिए ,………आज मानव मानस गंभीर रोगयुक्त है लेकिन समझदार सत्ता की जिम्मेदारी क्या है ?……बादल कंपनी जैसे कुकांडों पर खाऊ बादलों की क्या जिम्मेदारी थी ?…..ऑर्बिट कंपनी बदमाशी का एक उदाहरण मात्र है ,…सत्ताई बदमाशी से जबरन हथियाई गयी निजी परिवहन कंपनी बेलगाम बदमाशों के हाथ है !…….ड्राइवर कंडक्टर आदि कोई भी कारिन्दा अपने को बादल साहेब का असली बाप समझता है ,….कुछ दिनों के लिए ऑर्बिट बंद की गयी लेकिन क्या प्रशासन की जोरदार लाठी केवल जनता के लिए है !…लोभी कुकर्मी सत्ताधीशों को विशेष ताकत क्यों है ?…..क्यों एक सजायाफ्ता ताकतवर को दूसरी अदालत दोषमुक्त करती है ?…..खैर

मोदी सरकार को एक वर्ष हो गया है ,…..कुछ अच्छे काम हुए हैं .. तमाम होने शेष हैं ….कुछ काम अटपटे भी लगते हैं ,…कुछ कामों को प्रणाम करने की चाहत होती है !……..समय के साथ सबकुछ साफ़ होता जायेगा ….लेकिन इतना तो साफ़ लगता है कि मोदी सरकार जनहितैषी है !…..भारत में कर्मठ गतिशील सरकार दिखती है ,……शताब्दियों की जमी भारी गन्दगी के हिसाब से काफी अच्छी शुरुआत है !…..देश सुरक्षित हाथों में लगता है !….भारत सरकार का इकबाल पूरी दुनिया में पहली बार बुलंद हुआ है ,..दुनिया बेसब्री से भारत की तरफ देख रही है ……पूरी मौजूदा पीढ़ी पहली बार दमदार राष्ट्रभक्त सरकार देख रही है …..मोदी सरकार में कुछ भी कर गुजरने का माद्दा दिखता है ………चुनौतियाँ बेशुमार हैं ..जज्बा उससे भी ज्यादा दिखता है !… बेदम बेशर्म विपक्षी जरूर चिल्लपों मचाये हैं ,…..उनकी किस्मत वो जानें,… लेकिन जनता कुछ तो समझदार है !…..अब तक देश खाती आयी कांग्रेस का अधिकाँश नकाब उतर चूका है …लेकिन …चमड़ी उतरनी शेष है !….मोदी जी बदला नहीं बदलाव चाहते हैं ,…किन्तु क्या महाभ्रष्ट गांधियों और अन्य तमाम खाऊ महाखाऊ कुनबों को औपचारिकतावश माफ़ करना देश से न्याय होगा ? …भारतीय जनधन लूटने वालों को ऐतिहासिक सजा होनी चाहिए ,…..केंद्र में भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची सरकार है .. लेकिन,. प्रदेशों जिला तहसीलों थानों ब्लाकों अस्पतालों दफ्तरों सब जगह भारी लूट जारी है …..मोदी जी को कुछ विशेष कार्य करना ही होगा !…….धन के साथ भारतीयता पचा चुके शातिर मगरमच्छों को कैसे क्या सजा मिलनी चाहिए ?

वैसे अब सब योग करने वाले हैं ,…दिल से बोलेंगे .. “अथ योगानुशासनम !!…..संसार के सभी सर्वकालिक सदसाधकों को अनंत अनंत साष्टांग प्रणाम !……महर्षि पतंजलि हमारे महानतम ऋषियों में हैं !……. योग महान भारतीय संस्कृति की तरफ से पूरी मानवता को अनमोल उपहार है ,……अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनिया में भारतीय उत्कृष्टता की स्पष्ट स्वीकृति है ,…….हम विश्व के आभारी हैं ,..कुछ बेचारों को क्या कुछ कहना ,…..मोदी जी भरपूर आत्मिक बधाई के पात्र हैं !…….युगों से यह अनमोल जीवन विद्या सच्चे योगियों के अलावा विशेष उच्च वर्ग के लिए आरक्षित सी थी …….इसे सहजता से जनसामान्य को उपलब्ध कराने के लिए स्वामीजी ने कठोर साधना की है ,….सम्पूर्ण विश्व अनंतकाल तक स्वामीजी का ऋणी रहेगा !…..लेकिन मक्कारों को क्या कहना ?….उनका पीछा ही नहीं छोड़ते !

कुछ दिन पहले पतंजलि फ़ूड एंड हर्बल पार्क के सामने हुई झड़प में एक मौत हुई ,……मौत सबकी दुखद ही होती है चाहे कोई सच्चाई के साथ मरे , मक्कारी से मरे या बिना कुछ किये मरे !…….सब जानते हैं मुद्दा माल ढुलाई का था ,…स्थानीय ट्रांसपोर्ट यूनियन मनमाने दाम पर पूरी माल ढुलाई चाहता था ,…..पार्क प्रबंधन सही बाजार भाव पर ढुलाई चाहता था !………. यूनियन अपनी मनमर्जी पर अड़ गयी !………..मजबूर पार्क प्रबंधन अन्य ट्रांसपोर्ट कंपनी से माल ढुलाई करवाने लगा … यूनियन वाले वास्तविक बदमाशी पर उतारू हो गये !…….यूनियन के लोग ट्रकों को रोकने धमकाने लगे ,…पार्क प्रबंधन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई ,…..पुलिस ने कोई भी कार्यवाही नहीं की !……….कुछ दिन बाद हथियारबंद यूनियन बदमाशों ने ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिकों पर हमला कर दिया !……….हमला मुख्यद्वार के ठीक सामने हुआ ,…….वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी अन्य ड्राइवर आदि बचाव में कूद गए ,……..कुछ देर की जोरदार भिडंत के बाद फंसे व्यक्ति मुश्किल से बचे ,..झड़प में एक तलवारधारी हमलावर की मौत हो गयी !

तुरंत पुलिस पहुंची ,……….. कानूनी दायरा दिखाकर कार्यवाही की ,…….पतंजलि संस्थान के लोगों पर हत्या हमला साजिश जैसी तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया ,….एक महाप्रबंधक रामभरत समेत कुछ सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया ,…..रामभरत स्वामीजी के भाई भी हैं ,…..रात में एक बजे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया ,….चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया !…….संस्थान की रिपोर्ट लिखने से भी इनकार किया ,….दो तीन दिन बाद दबाव में कुछ लिखना भी पड़ा !

इधर समाचारी दुनिया में हलचल मच गयी ,……सबने अपने विवेक लाभ हानि हित साधन के अनुसार समाचार दिए ,…..कुछ ने कुछ निष्पक्षता दिखाने का काम किया ,…. कुछ ने तो “बाबा की बदमाश कंपनी—-बाबा का कातिल भाई ” जैसे शीर्षकों से जोरदार कार्यक्रम प्रस्तुत किये !….कुछ लोगों का मनोरंजन जरूर हुआ होगा !…..अधिकाँश हृदयों की पीड़ा अवर्णित ही रह सकती है ,……दुसरे दिन आचार्यजी ने प्रेसवार्ता के माध्यम से संस्थान का पक्ष रखा !….शायद ही किसी चैनल ने उसे ठीक से दिखाया हो !……यहाँ पत्रकारी निष्पक्षता बेदम हो गयी ! …….. पुलिस जांच चल रही है ,…भरत भैय्या की हिरासत और बढ़ गयी है ….फंसाने का जोरदार प्रबंध होगा ……. आरोपपत्र दाखिल होगा ,..आगे जिरह गवाही सुनवाई फैसला आदि आदि होगी …..लेकिन न्याय होना कठिन लगता है ,….. संस्थान को कानूनी दायरा बताने वाली पुलिस लाचार है ,…हमलावर बिलकुल आजाद हैं !…….महान संस्थान, महान व्यक्तित्व की साख पर एक और साजिशी वार हो चुका है !….उसे निष्फल बनाना हर भारतीय की जिम्मेदारी है !…सवाल वही है ….सर्वथा निर्दोषों को जेल और कसूरवारों को खुली छूट किस किताब का कानून है ?

अब जरा अगली सतह देखते हैं !…..पदार्था की ट्रांसपोर्ट यूनियन अनुचित दाम के लिए बदमाशी क्यों करने लगी ?………पुलिस ने बदमाशी को बढ़ावा संरक्षण क्यों दिया ?……पतंजलि फ़ूड हर्बल पार्क कोई सामान्य संस्थान नहीं है ,………..यह भारत का आधुनिक गौरव है !……….यह आकार में बहुत विशाल है …..इसके पीछे बहुत उच्च विराट भावना है !……यह स्वदेश प्रेम की महान कर्मस्थली है !……उच्च गुणवत्ता के साथ सस्ते लाभकारी हितकारी उत्पाद देना पार्क का प्राथमिक उद्देश्य है ,…. राष्ट्रसेवा मानवसेवा से ईश्वरसेवा इसका मूल उद्देश्य है ,……समर्थ स्वदेशी मानव हितकारी व्यापार लालची जिस्मों को मंजूर नहीं है !……हमको बकवास विष खिलाकर लालची विदेशी कम्पनियाँ मालामाल होती आई हैं ,…उनके लिए पतंजलि संस्थान आदि शत्रु है !…………कहाँ वो बीमारी बेंचकर मंहगी दवाई से मानवता मारना चाहते थे ,…कहाँ पराक्रमी योगी के पुरुषार्थ से उनके अस्तित्व को खतरा हो गया !……..साफ़ है कि पदार्था की ट्रांसपोर्ट यूनियन को मोहरा बनाया गया …. उत्तराखंड की गांधी गुलाम कांग्रेस सरकार का नखशिख सहयोग मिला ,.. कुटिलता में पारंगत परमलोभी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने यह साजिश रची है !…….कान्ग्रेसियत अपनाए कुछ भाजपाई अन्यबंधु भी शहमुद्रा में हो सकते हैं !……राष्ट्रभक्तों पर पहले भी हर तरफ से वार होता आया है ,…..कुछ दिन पहले ही त्यागी नामक भोगी सांसदजी ने झूठ की भद पिटवाई है ,…चवन्नी का माल चार में देती कम्पनियाँ बहुत ताकतवर हैं ,……कांग्रेस पार्टी इस देश में इन शातिर कंपनीबाजों का मुख्य औजार है !….उनके अन्य तमाम राजनीतिक औजार भी हैं ,…..सब बहुत दिनसे बाबा मोदी के खिलाफ पूरी ताकत लगाए हैं !………अलग अलग शक्लो सूरत वाले तमाम राज चेहरे वास्तव में एक ही अहंकारी अत्याचारी अतिलोभी सत्ता के खाऊ गुलाम लगते हैं ,……जिनका विनाश निश्चित है !……पूरी दुनिया में इस गठजोड़ को हम राक्षसराज की संज्ञा दे सकते हैं !….इनके लिए मानवता का कोई मोल नहीं ,…..मानव हितकारी वस्तु व्यक्ति संस्थान इनके शत्रु है !…….फिर प्रश्न ही उठता है …..सब कुछ जानकार भी लोग राक्षस वृत्ति क्यों अपना लेते हैं ?….न चैन से रहते हैं न किसी को रहने देना चाहते हैं ….उत्तर तुच्छ अहंकार ही लगता है !.

फिर मुद्दे पर आते हैं ,…कांग्रेस को अपने सर्वनाश की वाकई बहुत जल्दी लगती है ,……उसके मिथ्या अहंकार का आधार उनके नाजायज बाप और हर राजदल में फैली कान्ग्रेसियत है ,….नवजन्मे नेता दल तक इसमें पारंगत लगते हैं ,……फिर हर दल में ही क्यों ?……लूटतंत्री कान्ग्रेसियत ने लगभग हर दिल में अपनी कुछ जगह तो बना ही ली है ,…मैकाले जैसे शातिरों के वैचारिक पूर्वज संतानें इसी काम में जुटी रही !……आज लम्पट अहंकारी झूठे लोभों में फंसकर मानवी मानसिकता आत्महत्या करने पर उतारू लगती है ,……..लेकिन महान संकल्पों के आगे बड़े से बड़ा खतरा हमेशा दुम दबाकर भागता आया है …भागता रहेगा !…यह कृपालु भगवत्ता की सनातन उपस्थिति का एक प्रमाण मान सकते हैं !

पतंजलि फ़ूड एंड हर्बल पार्क मानव सेवा की अद्भुत संकल्पना है !….. मानवता को पूर्ण पोषण देकर शोषणमुक्त करना स्वामी जी का महान लक्ष्य है ,….सच्ची मानवता सदैव राष्ट्रऋषि की कृतज्ञ रहेगी !….. झूठे आधुनिक छलयुग में सत्यबल पर शान से खड़ा पतंजलि संस्थान का प्रत्येक प्रकल्प बेहोश बीमार मृतप्राय मानवता को जगाने बचाने में जुटा है !….पतंजलि संस्थान का प्रत्येक अंग मानव जीवन के प्रत्येक अंग उपांग को स्वस्थ सुखी उन्नतिशाली बनाने में जुटा है ,……हर क्षेत्र में स्वामीजी के साथ जुटी लाखों समर्थ आत्माएं स्नेहिल श्रद्धा की पात्र हैं !……छल कुटिलता अपमान अपराध करने वालों को उनकी सजा अवश्य मिलेगी !………..स्वामीजी के ईश्वरीय संकल्प अटल हैं ,……….प्रत्येक जागृत आत्मा स्वाभाविक रूप से उनके संकल्पों को अवश्य ही धारण करेगी !…..मानव हितकारी योग आयुर्वेद की पुनः प्रतिष्ठापना के बाद स्वामीजी शिक्षा क्षेत्र में दिव्यता लाना चाहते हैं ,….सुशिक्षा मानवीय उत्थान का प्रमुख साधन है ,….आचार्यकुलम गुरूकुलम की स्थापना पूरी मानवता को वरदान स्वरुप है ,…हमको विश्वास है कि यह महान कार्य बहुत आगे तक बढेगा !……..विरोधी अपना काम करेंगे ,..स्वामीजी अपना करते जायेंगे !….दिव्यात्माओं ने कब कुटिलताओं को भाव दिया है !

कुटिल मानवद्रोही निश्चित ही घोर अपराधी है किन्तु अपराधी ‘हम’ भी हैं !…….इस ‘हम’ में आप कदापि नहीं हैं ,….सबसे पहले मैं हूँ जो जानबूझकर या अकारण ही नीच अयोगी हूँ ,…फिर मुझ जैसे वो लोग हैं जो अपने स्वार्थ कुसंस्कार दुराग्रह में सच का तिया पांचा करते रहते हैं ,…..राष्ट्रभक्ति सनीदेवल वाली, साबुन रसायनी लक्स लाइफबाय का !………..आप तो शुद्द पवित्र नीमकान्ति शहद चन्दन हल्दी घृतकुमारी पंचगव्य आदि लगाते ही हैं ,..नहीं लगाते हैं तो लगाना खाना पीना सब शुरू कीजिये !…….हर हिन्दुस्तानी को शुद्ध स्वदेशी सेवन करना ही चाहिए !……..

कुछ कुंठित बेचारे कहते हैं कि स्वामीजी धनवान व्यापारी हैं !!……जरूर हैं !……स्वामीजी सच्चे सन्यासी हैं … महान व्यापारी हैं !……उनकी अपनी एक कुटिया दरी चटाई दो चादर एक पंखा कुछ किताबें हैं !…..शेष सम्पूर्ण उन्नति राष्ट्रहित में अर्पित है !……पुरुषार्थ से दान लेकर विनम्रता से महादान देना महानतम व्यापार है !….ऐसे महापराक्रमी सन्यासी व्यापारी गिरती दुनिया को उठाते हैं ,……..मुझ जैसे अरबों लोग अपनी तुच्छतम वस्तु भी देने में अनेकों बार सोचते हैं ,..स्वामीजी ने मानवता को महानतम आत्मदान दिया है !…..संसार में पूर्ण सुखी मानवता या सीधा कहें तो धरती पर भगवत्ता लाना उनका परमलक्ष्य है ,…हमको उसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए !…..

….इतने शब्दों के बाद भी सवाल शेष है ….. क्या आज पुलिस सरकार को  कुकर्म करने का लाइसेंस मिलता है ? ….सत्र अदालत को एक ट्रेनी वकील भी सेट कर सकता है .. यहाँ तो पूरी प्रदेश सरकार उसपर चढ़ी है !……क्या ऐसी शैतान सरकारों को मनमर्जी करने की छूट होनी चाहिए ?…….लचर बिकाऊ न्यायपालिका कब सक्षम स्वस्थ जबाबदेह होगी ?

इधर उत्तर प्रदेश का हाल बहुत ही बेहाल है ,….घोर बदमाश समाजवादी मंडली सत्ताधीश है ,…चौतरफा अन्याय अपराध अत्याचार भ्रष्टाचार का बोलबाला है ,…….महाखाऊ मालिकों के ख़ास खाऊ मंत्री ने एक सच्चे पत्रकार को पुलिस से पिटवाकर जिन्दा जलवा दिया !……स्पष्ट प्रमाण के बावजूद कुछ भी नहीं हुआ ,….परिवार और पत्रकार बिरादरी के तमाम अनशन हो हल्ले के बाद पुलिसवालों का मात्र निलंबन होता है ,……यूपी सरकार अपने मंत्री का जोरदार बचाव में जुटी है ,…परिवार को ललचाया धमकाया जाता है ,…..यहाँ शर्मनाक शब्द को भी शर्म आती होगी !……क्या मंत्री समेत पुलिस वालों को तुरंत जेल में नहीं होना चाहिए था ?…लेकिन कैसे होते ?…..हर चौखट से खाऊ चढ़ावा मुलायम खानदान तक जाता ही है !…..नीचे से ऊपर तक बचने बचाने का पक्का प्रबंध नहीं होगा तो कौन बचेगा !….इस सरकार में सबकुछ बिकाऊ है ,..जान के सिवा सबकी कीमत है !…..क्या इन सबको सजा नहीं होनी चाहिए ?…..चोर गुंडों बदमाशों तस्करों कातिलों से भरीपूरी लुटेरी सरकार क्या एक मिनट भी राज करने लायक है ?…..हम तो गदहे थे और अभी भी काफी हैं ..लेकिन …क्या राष्ट्रीय सरकार को राज्य सरकारों के कुकर्मों पर मौन रहना चाहिए ?……क्या जातिवादी गोटी जमाकर देश खाने वाले मुलायमों लालुओं को कभी शर्म आएगी ?…….वो तो समधीपना में मस्त होकर नितीश संग कुशासनी जंगलराज लाने के सपने देखते हैं !…. लोहिया जेपी जैसों की आत्मायें जरूर शर्म से पानी पानी होंगी !

वैसे हम भी पूरे बेशर्म हैं ,…खुद के सिवाय पूरी दुनिया को सुधारना चाहते हैं ….उपदेश लेने में आलसी और देने में कर्मठ हो जाते हैं …पर उपदेश कुशल बहुतेरे !……हमारा अहंकार हमारी सच्ची भूख को मिटा देता है …..लेकिन एक सच यह भी लगता है कि नियति जिसको जिस काम के लिए बनाती है, उससे वह करवा ही लेती है !…सप्रेम आनंद से करवाती है !…..आदिकाल से होती आई महान याज्ञिक तपस्याएँ महान ऊर्जा जीवंत करती हैं ,….महानतम ईश्वर सर्वव्यापी हैं !..हमारे सबकुछ हैं !….वो हमारे रचयिता हैं ,…हममें हैं ,..हमारे हैं ,…हमारे पालक हैं ,..नवनिर्माता हैं ,….अनंत हैं !…परमदयालु कृपालु न्यायकारी हैं !..उनके गुण ही अनंत हैं !……..फिर भी वो हमारे लड़ने का एक बड़ा विषय है ….कमाल है !!….हमको अपने ऊपर कुछ तो हँसना ही चाहिए !……वाह रे हम मानव ,..हम कहाँ पहुँच गए भाई !!……एक सच यह भी है कि परमेश्वर का यह परमखेल बहुत ही रोमांचक होगा !……..जब हम ईश्वर में और ईश्वर हममें हैं तो यह पर्दा झीना हो या लोहे जैसा कठोर ..इसको फटना ही है ,….हमारे और ईश्वर बीच की हर चीज को ध्वस्त ही होना है !….भले ही वह पूरा ब्रम्हांड ही क्यों न हो !…..आज हो या हजारों लाखों या करोड़ों वर्षों के बाद हो !……..कृपानिधान परमात्मा पर्दा हटाने में बहुत सहयोग देते हैं ,…….यहाँ उनकी सनातन महान कृपा है ,…यहाँ झूठे अधूरे कुटिल सत्य साधक को भी अनंत कृपा मिलती है ,…..जीवन के हर उतार चढ़ाव में भगवान की अनंत कृपा अनंत साथ मिलता है ,…वास्तव में हर परिस्थिति हर अनुभव हमको उनके करीब लाती है ,…कभी हम जानते हैं कभी नहीं जान पाते ,…….सत्य के इतने मित्र होते हैं कि शत्रु नामक शब्द पर हम हंस सकते हैं ,……हमारे कुसंस्कार कितने ही मजबूत हों भागवत चेतना उनको तोड़ ही देती है ,……हमको अपना विश्वास अटूट करना होगा कि नियति ने हमको महान कार्यों के लिए ही बनाया है !….संसार से भय भूख भ्रष्टाचार अत्याचार वासना विकार बीमारी आदि क्लेश दुःख मिटकर रहेंगे ,….कष्टकारी तमस का नाश होकर रहेगा !….हम दिव्य भगवत्ता के सहज अधिकारी हैं ,…हम न्याय सत्य शान्ति के आदिम आराधक हैं …हमसब भगवत्ता के निमित्त ही तो हैं !………….. फिलहाल प्रार्थना !

|| असतो मा सद्गमय – तमसो मा ज्योतिर्गमय ||

सादर

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

आर.एन. शाही के द्वारा
June 19, 2015

संतोष जी स्नेहसिक्त अभिवादन स्वीकार करें । बहुत दिनों बाद आज फिर आपके वही तीखे तेवर देखने को  मिले, जिन्होंने सुराज आंदोलन में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हुए अपना सफल योगदान किया था । आज आपके स्वामी जी को जो भी सम्मान प्राप्त हो रहा है, उसमें निस्संदेह आपकी पैनी लेखनी और मूर्ख चौपाल की भी महती प्रतिभागिता रही है । विपक्ष पर नाराज़ न हों, सत्तापक्ष को उन्हें निंदक नियरे राखिये वाले भाव से ही लेना चाहिए । तेज़ रफ़्तार में अक्सर चाल बेढब होने का खतरा बना रहता है, जबकि विपक्ष चाल को संयत बनाए रखने का बढ़िया औजार साबित होता है । लिखते रहें, धन्यवाद ।

    Santosh Kumar के द्वारा
    June 20, 2015

    श्रद्धेय ,..सादर प्रणाम आपके अनमोल आशीर्वाद के लिए ह्रदय से आभारी हूँ !


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