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मूरख पंचायत ,....निरुत्तर प्रदेश !

Posted On: 7 Jul, 2014 Others में

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आदरणीय मित्रों बहनों गुरुजनों ,…सादर प्रणाम ………… मूरखों को फिलहाल मानव नहीं मिला लेकिन पंचायत फिर लग गयी ,……. कम उपस्थिति के बावजूद उत्सुकता भारी है ,…….आँखों देखे हाल में पुनः आपका हार्दिक स्वागत है …

………………………

सबको राम राम परनाम के साथ सूत्रधार ने पंचायत शुरू की ,…………..बीच से एक बाबा बेसब्री से खड़े हुए ,….. ……… “..सबको राम राम परनाम है ,…….ई बताओ .. अब बतियाएं का !…”

दूसरे बाबा ने पहले को डपटा ……………“…..बतियावे खातिर ढेर सामान है !……….मोदी सरकार का प्रारम्भ बतिया लो ,…..कुलमिलाकर अच्छे आगाज पर वाह वाह करो !…..गंगाजी के निर्मल उद्धार का महान प्रयास देखो !……..शुभकर्मों में अपनी भागीदारी देखो !……. बढ़ती मंहगाई देखो !…….आशा उम्मीद से गरम गरम आह भरो !…….घोर गन्दा खानदानी धंधा बेशर्म राजनीति के जुगाड़ गुलटे गुलाटे देखो !………उधर ताजा ताजा ईराक समेत तमाम दुनिया में गृह युद्ध जारी हैं ,.. घोर अपराध अत्याचार बलात्कार का इंसानी बाजार पूरा गर्म है ,….. प्यार से मरती मानवता देखो ! ….सदा मानवता को पालने वाली प्रकृति मैय्या हमारे कुकर्मों से रूठी हैं ,….बार बार उनका क्रोध छलकता है ,……..अखबार पर उड़ती नजर डालो !….. मुद्दा मुर्दा का ढेर है ……..इच्छा अनुसार चुन लो !…”

………..“….. अंधी इंसानियत आत्महत्या करती लागे……. मानवता भारी खतरे में है !…..”………………………एक माता ने निराश मत दिया तो एक पंच बोले …..

…..“…….. तमाम मानवता विकार बीमारी महामारी से अंधी है …….हम सब अंधे हैं !……लेकिन ……. हमारे महान समर्थ महापुरुष दिनरात मानवता उठाने में जुटे हैं !………..महान योग की माया से महानतम ईश्वर कृपा होगी ,…..सब घने अंधों को आँख मिली !….. एकदिन सबकी बंद बत्ती जली !…….”

इसबार मरियल से बाबा बोले ……..“…..भैय्या हम दोगले मूरख हैं ,….हम सच में बहुत नीच हैं !……..लेकिन .. बहुतेरे लोग जागे हैं !…….दुनिया अच्छाई से भरी पड़ी है !……जागी मानवता कब्बो नहीं मर सकती ,…शैतानियत कदापि जीत नही सकती !……निपट अँधेरो में दुनिया भगवत्ता से सराबोर है !…ऊ हर दिल में बैठे हैं ,…….एकदिन परमज्ञान की लौ कहीं फूटेगी ,…. हर दिल रोशन होगा ……..दुखी अंधी मानवता सुख शान्ति उजाले से भरेगी !….”

एक युवा ने बाबा के सुर में सुर मिलाया ……….“…ऐसा है बाबा !…..भक्ति प्रार्थना पुरुषार्थ से सबकुछ होता है !….इंसान भगवान् को भूल सकता है ,…ऊ हमको नहीं भूल सकते !……..सब भगवान् पर छोड़ो !…..ऊ जरूर कृपा करेंगे ,…दुनिया को हमारे महापुरुषों की तपस्या का महान सुफल मिलेगा !…..धरती पर सच्चे मानवों महामानवों की भरमार होगी …….सब सच्चे बनेंगे !….”

दूसरा युवा तमका ………“…….तो अब का करें ….घोर घोर नीच अपराधों का ढेर है ,….अखबारी पन्ना भरा हमारी आँख बंद है !…”

पीछे वाले अधेड़ ने समर्थन किया ………..“…बंद है तो खोले का पड़ी !………इंसान समूह में बलात्कार फिर हत्या करता है !……हम जानवरो से ज्यादा गिर गये हैं !..”

एक और पंच बोले ………….“………ई आज का नंगा सच है !….शक्तिरूपा कहीं सुरक्षित नहीं है !…..हमारी बहिन बिटिया महतारी सब नारी खौफ में हैं ,…….घिनदार कुकर्म करे वाला इंसान हमारे बीच से हैं !…..शासक बिरादरी हैय्ये हरामखोरों से भरी पूरी !….”

मरियल से बाबा आगे बढे …………“…शासकों के कुकर्म हम भोगते हैं ,……जैसा राजा वैसी प्रजा !…….विदेशी गुलाम हरामखोर कांग्रेसी शासकों की नीचता जन मन में घुस गयी है !……. नशा वासना अपराध का जबरदस्त परचार किया गया !…..नशे से बेहाल आम इंसानियत में बलात्कारी भर गए !…….विदेशी दुमछल्ले उनका काम करते गए .. हम मूरख उनकी चाहत में अपनी मानवता दबाकर खाते पीते गए !…”

पंचाधीश बोली ……………“….. कोसने से का लाभ !……कोई भगवत्ता से बाहर नहीं है ……सब अपनी करनी भुगतेंगे !…हमको कोसा कोसी बंद करके सही सच्चा रास्ता देखना चाहिए !…”

पहला युवा फिर तमका …………“……….जितनी औकात होगी उतनै देखेंगे दादी !!……..खाऊ अखिलेश राज में का का नहीं हुआ !……राजा मंत्री सामंत अधिकारी पुलिस सरकार सब माल बनाने हिस्सा खाने में जुटे हैं !…..बलात्कारों से देश प्रदेश हाय हाय करता है … ताऊ चाचा मंत्री लोग उदघाटन फैशन शो का मजा लेते हैं !……इंसानी बस्तियों में दंगे कराकर समाजवादी सरकार नाच महोत्सव मजा लूटती है !…… जिम्मेदार राजनीतिक कुत्ते बलात्कार पर बेशर्म बयानबाजी करते हैं !…..”

अबकी बुद्धिजीवी टाइप मूरख ने मुंह खोला …………..“..बलात्कार नीचतम अपराध है ,….कठोरतम सजा जल्दी मिलना चाहिए …..नारी का तन मन आत्मा सब नोचने वाले लोग इंसान कहाने लायक नहीं हैं ,….. ईके तमाम कारण निदान अपनी जगह हैं ,…… अलग से खुली चर्चा होनी चाहिए ,… पहला कारण नशा और आखिरी खाऊ सिफारिशी आलसी बहानेबाज कुतर्की अन्यायतंत्र है !…..नकारा पुलिस बेचारी गुलाम बिकाऊ खाऊ है !….अदालती मुर्गमुसल्लम अलग उड़ता है !…..जज का बाते छोड़ो ,…..जेब गरम न हुई तो पेशकार मुकदमे का पलीदा कर देता है ,…….बुलंद अपराध का दुसाहस और बुलंद होता है !..”

साथी ने भी सुर मिलाया ………….“…अदालत सादी दाल खाकर ऊंचा विचार रखे फिरौ का कर सकती है ,…..सौ में एक दो मामलों का सही जांच होती होगी ,…बाकी गांधी बाबा की एकमात्र अकड़ चलती है !…….ईमानदार पुलिस वैसे आज मजाक लागे … खाकी की बकाया ईमानदारी कालिख सनी खादी से दाबी गयी है !..”

सहमती में सर हिलने लगे .. आगे से एक और युवक ने चर्चा में शामिल हुआ  …………“…आज उत्तर प्रदेश बिल्कुल निरुत्तर है ,…..समाजवादी नामक खानदानी सत्ता बिलकुल बेहया बदमिजाज नालायक बदनीयत है !…इनका का इलाज है !….”

पड़ोसी अधेड़ का मत आया …………“…बड़े डाकू लालची देशद्रोही बड़े दफ्तरों में हमारा माल उड़ाते हैं ,……. गाँव गली शहर मोहल्ले कस्बे में चोर डाकू ठग झपटमार नशेड़ी बलात्कारी राज करते हैं !…हमारा मान सम्मान माल असबाब चैन आराम सब हराम है ,…….”

बीच से एक और मूरख सुलगा ………….“….अखिलेश बापू चाचा पत्नी भाई एंड गुंडा कंपनी के का कहने ,….बाप बलात्कार समर्थक है ,….. बलात्कार पर जल्दी सजा की जगह नौकरी का वादा किया था ,……अब मामूली गलती बताया है ,….सबके अपने अपने बेशर्म बोल हैं ,….. बलात्कार हत्या के सवाल पर विदेश पढ़ा नौजवान मुख्यमंत्री बदबूदार मजाक करता है ,….घरेलू दिमागी गन्दगी पर नारी रूप में डिम्पल रानी मंद मुस्कान फैलाती हैं !…….ऐसे नालायक घराने हमारे नेता कर्णधार हैं ,….ई हमारी खातिर घोर शर्म की बात है !……. गुंडई नंगई दंगा लूट अत्याचार भरा अँधा राज है !….”

मरियल से बाबा फिर बोले …………“……..चौतरफा गिरे कांग्रेसी पालतू फिरसे दंगा करवाने की फिराक में हैं !…उनकी साजिश भरी पक्षपाती छलनिष्ठा से समाज सुलग रहा है !…..सब अपनी रोटी सेंकने की फिराक में हैं !……..अँधा इंसान खुद इंसान इंसानियत का दुश्मन बन जाता है !…नेता दोषारोपण का मस्त खेल खेलते हैं ,……समाजवादी राज में अकड़ दाब से लाचार पढ़ा लिखा पुलिस अधिकारी जज को पीटता है !…… ई लोग एक दिन राज करने लायक नहीं हैं ,…… हाय हमारा अंधापन !……”

बाबा की पीड़ा पर आगे वाला युवा फिर बोला ……“…..इनको इंसान समाज देश प्रदेश की एक पाई चिंता नहीं है ….लालची शैतानों को केवल मालदार राजगद्दी चाहिए !…….पहिले पहुँचदार चहेतों को लैपटाप बेरोजगारी भत्ता विद्याधन बांटा …….चुनाव हारकर वापस ले लिए !……..कोई पूछे भला …..लालीपाप देना गलत था तो हमारा करोड़ों का हर्जाना कौन भरेगा !……अखिलेश या उनके समाजवादी बाप ताऊ !………..कुम्भ में खाई हमारी भरपूर मलाई की डकार अब निकली है ,….तमाम बेक़सूर मौतों का जिम्मेदार कुम्भ मंत्री आजम खान कौन मुंह दिखाएगा !…”

……………“..राजडाकुओं के पास सौ रास्ते हजार चेहरे हैं ,……..बेशर्मों को काहे की शरम !…”………….एक बाबा ने युवा को निपटाया तो पंचाधीश से रहा नहीं गया …

“..लेकिन कुकर्म सब भोगेंगे …..सच्ची सत्ता पूरी वसूली करेगी !……..”

एक और युवा बेसब्र हुआ …………..“…. काहे उनसे कोई आशा करे !……प्रदेश में है का ….चौबीस में चार घंटा बिजली बहुत है ,…..टूटा खम्भा तार जोड़े में हफ्ता लगता है ,….सरकार मस्ती में व्यवस्था ठेके पर है !……सड़क के गड्ढे सरकारी खदान लगते हैं ,…कमाऊ शिक्षा तंत्र माफिया के हवाले है ,……रोजगार गायब है ,…नौकरी पर नोट नकलची नंबर हावी हैं !…..चहेतों चाटुकारों गुलामों की भर्ती होती है ,……प्रदेश में कुछ है तो लूट अपराध नशा वासना ठगी ठेकेदारी चमचागिरी ट्रांसफर पोस्टिंग जुगाड़बाजी है ! ….नेता अधिकारी चमचों ठेकेदारों दलालों के तमाम लकालक बंगले जायदाद हैं … धुंवाधार एसी चलते हैं …… मंहगी गाड़ियों के बेड़े है !…उनकी खातिर डीजल पानी से सस्ता है …किसान मजदूर कामगार व्यापारी बेहाल हैं !….”

एक बाबा फिर बोले …………………“..फिर सरकार बेचारी का करे !…..ऊ खाऊ मगरमच्छ हैं …खाने खातिर आये हैं ,..खाते पीते जायेंगे !……..हम खुदै गलत हैं ,….लोकतंत्र में नालायक सरकार हमारी नालायकी का फल है !…”

युवा पलटकर बोला …………….“…अपनी नाकामियों का सिला हमने मोदीजी को चुनकर दिया है !…..दर्द से बेदम हुए निरुत्तर प्रदेश का जिम्मेदारी उनकी भी है !!..”………….

बुद्धिजीवी टाइप वाले ने सवाल उठाया ……………“…मोदीजी का करेंगे !….उनहू के तमाम सुर बदले लगते हैं !……ऊ सबसे मिलकर देश चलाना चाहते हैं !…….हिन्दुस्तान में अंग्रेजी कान्ग्रेसियत का जाल भारी है !…”

साथी ने उस्ताद को काटा ………….“….मोदी सब कर सकते हैं ,……..कायदे से सब चोर लुटेरों गद्दारों को जेल जाना चाहिए !……सफेदपोशों खातिर ख़ास जेल बने ,…….चक्की पीसते हुए जनता दर्शन होना चाहिए !…….लाखों करोड़ों अनेकों प्राणियों के गुनहगारों को तिलतिलकर मरना चाहिए !….भारतद्रोहियों मानवद्रोहियों को हर सजा कम है !…..”……………………क्रमशः

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