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मूरख पंचायत ,......योग महोत्सव !

Posted On: 23 Mar, 2014 Others में

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आदरणीय मित्रों बहनों गुरुजनों ,..सादर प्रणाम …….आपके मूरखों की पंचायत पुनः लग गयी है ,..आँखों देखे हाल में आपका हार्दिक अभिनन्दन है !…..

…………

हमेशा की तरह पंचायत लग गयी है ,….सूत्रधार ने अभिवादन के साथ औपचारिक शुरुआत की तो मरियल से बाबा ने सवाल किया ….

“…..का हो बाबू !….कब से सब लोग पूरा बदलाव व्यवस्था परिवर्तन चिल्लाते हो ….नारे लगाते हो !……अब चुनाव बाद व्यवस्था बदलोगे का !…… ई खाऊ राजदलों से व्यवस्था कैसन बदलेगी !..”

पीछे से एक मूरख उचका ………“…कैसन का बदलेगी !…..अबकी कांग्रेस साफ़ है ,..खूनी पंजा दहाई तक पहुंचे तो हमारी चमत्कारी मूरखता होगी !… आप का खाता खुले तो चमत्कार मानो !….सपा बसपा मिलकर दस सीट जीतें तो कमाल जानो ,…..सब बैंगनों का यहै हाल होगा !……स्वामीजी के महान पुरुषार्थी प्रभाव से भाजपा के तीन साढ़े तीन सौ सांसद जीतेंगे !…..मोदीजी सात्विक समर्थ राष्ट्रभक्त हैं ,….उनकी अगुवाई में देश अपनी नयी तकदीर लिखेगा !….शीर्ष पर समर्पित शेरदिल रहेगा तो सब बिगड़ा काम सही होगा !……”

आगे से प्रतिवाद उठा ……….“…ई तरह का काम होगा !….कान्ग्रेसमय भाजपा खुदै आत्महत्या करने में जुटी है !…….मौजूदा राजतंत्र में मोदी अकेली उम्मीद की बयार दिखे ,….स्वामीजी की महान शक्ति पाकर बयार लहर तूफ़ान बन गयी ,…..लेकिन कान्ग्रेसियत लादे भाजपाई कारगुजारी रुकावट है !…..स्वार्थ लोलुपता लालच में देश के सच्चे मुद्दे दब गए !…”

एक माता ने प्रतिवाद को समर्थन दिया …………….“…आज का कोई दल व्यवस्था परिवर्तन नहीं कर सकता !…बिना व्यवस्था बदले कुछौ न होगा ,….काले कुबेरों के बूते कौन काला धन लाएगा ,….भ्रष्टों को अपनाकर कौन भ्रष्टेरिया महामारी मिटाएगा ,….गौहत्या गंगा की बेकद्री कौन रोकेगा !….खंड खंड बंटे समाज को कौन मिलाएगा !….नशा वासना अपराध का भयानक जाल कौन तोड़ेगा !….देश पर तमाम भीतरी बाहरी खतरे कौन मिटाएगा !…..गरीबी बेकारी कुशिक्षा कौन हटाएगा !…बैसाखी के बूते काले अंग्रेजी कानूनों को कौन हटाएगा ,..अपार भारतीय सम्पदा की रक्षा कौन करेगा !…”

एक बुजुर्ग ने माता को समझाया ……….“..शिखर पर एक सच्चा इंसान सबकुछ कर सकता है ,…लेकिन बदलना सबको होगा !…”

एक युवा खड़ा होकर बोला ….. “….कोई दल व्यवस्था न बदलेगा ……सब कुकर्मी मरने के बादौ कमाऊ कुर्सी चाहते हैं ,……देश बदलना हम सबका काम है !…खुद को बदलना हमारा परमधर्म है !..हम उसमें बहुत चूके हैं ,…हम खुद के भगवान के हर इंसान के गुनाहगार हैं !….फिरौ माफ़ी के तलबगार हैं !! …”

युवा के भाव पर पंचाधीश प्रेम से बोली …………..“..भगवान हमको बार बार माफ़ करते हैं ,….ऊ हमको पूरा पूरा जानते हैं …हम खुद को माफ़ किये .. पश्चाताप प्रार्थना किये .. सही दिशा में आगे चले तो सब काम सिद्ध होगा !..हमारा लुटा देश फिर समृद्धि के शिखर पर होगा !..”

एक पंच साहब बोले ………….“…..देश को मोदीजी से बहुत आशा है ……लेकिन सत्ताई स्वार्थ कुटिलता कम्पनीबाजी गुलाटी से का होगा !…..भारत को निःस्वार्थ राष्ट्रसेवकों का भारत स्वाभिमान दल ही चाहिए !….हमको हमारा भारत स्वाभिमान दल चाहिए !….सब सच्चे भारतवासी मिलकर भारत का स्वर्णिम कल बनायेंगे …”

युवा जोश बोला ……………“..स्वामीजी एक दिन में भारत स्वाभिमान दल बना सकते हैं !…बस हमको अपनी बुराइयां छोड़नी होंगी ,….जाति पंथ क्षेत्र भाषा की दीवारें प्रेम से पार करके सबका उत्थान होगा ,…नशा वासना लालच भय त्यागकर हम संगठित हुए तो दुनिया पर राज करने वाली काली ताकतें हमारे क़दमों में होंगी !…….स्वामीजी वर्षों से सब सुख सुविधा त्यागकर दिनरात हमें जगाने में जुटे हैं !….. उनकी महान छत्रछाया निर्देशन में पांच समर्पित संगठन जुटे हैं ,…हर जिला तहसील में पतंजलि योगसमिति मानवता उत्थान आत्मजागरण खातिर योगपथ पर जुटी है ,..महिला योग समितियां नारी शक्ति जागरण है ,…कृषि उत्थान खातिर अपनी किसान पंचायत है ,…..अथाह योगमयी जोश उत्साह से भरा युवा भारत है ,..सबको मिलाकर देश उठाने खातिर भारत स्वाभिमान है ……पूर्ण राष्ट्रीय सामंजस्य खातिर अनेकों प्रकोष्ठ हैं !…..पूरा भारत भारतस्वाभिमान का साथी है ….सबको जुटकर भारतस्वाभिमान दल बनाना होगा !…मोदीजी जैसे सब भारतपुत्र हमारे साथ होंगे ,….सच्चे लोग पद सम्मान के नहीं भारत उत्थान के लालसी होते हैं !….”

…………….“……आज शईदी दिवस है … पतंजलि योग महोत्सव है ,..दुनिया पराक्रमी त्यागी भारत का महान योगबल देखेगी ..फिर अपने हित खातिर अपनाएगी !….भक्तिमय योग से सब बीमारी विकार भागते हैं ,…स्वामीजी की कृपा से हम भगाए हैं !…”………..एक मूरख भाव से बोला तो सूत्रधार बोले

“.एक दो का बात नहीं करोड़ों लोग बीमारी विकार भगाए हैं !……लाचार लोग अब पूरी ताकत से देश सेवा खातिर जुटे हैं !……देर से सही सब सही राह अपनाएंगे !…भटकती मानवता स्वामीजी का कहा करेगी !….”

एक महिला व्यग्रता से बोली …….“..आज का किस्सा जल्दी निपटाओ ,..हमको भी महोत्सव में जाना है !…..लौटकर अपने घर में रोज योगकक्षा लगानी है !….तमाम पड़ोसी बीमार नशेडी हैं …उनको बहुत जरूरत है !.”

पंच साहब गंभीर भाव से बोले …………..“….हमारा कोई किस्सा नहीं है बहिन !…..आज शहीदी दिवस है ,….स्वामीजी महान महोत्सव का आयोजन किये हैं !…दुनिया भर में दस करोड़ से ज्यादा लोग एक साथ योग करेंगे !….इतने योगबलियों के होते मानवता का महान उत्थान होगा !…….आज हमको संकल्प लेना है कि हमारा हर पल भारत माता खातिर होगा ,..हमारा हर कर्म भगवत्ता युक्त होगा ,…हम अपने हर विकार से पार होंगे !…..हम केवल शैतानों से नहीं .. प्रेम से दुनिया जीतना चाहते हैं !….हम तुच्छ हैं ..मूरख हैं ,…लेकिन दुनिया में समाये भगवान् खातिर अर्पित हैं ,…हम समर्पित हैं ,..हम संकल्पित हैं !… हमारे प्रेम समर्पण संकल्प को पूर्णता देना उनका काम है !……..भारतपुत्र पुत्रियों को सद्बुद्धि ऊ देते हैं ,.. मानवता को उठाना उनका काम है ,..भटके अंधे मूरख इंसानों को ऊँगली पकड़कर मंजिल दिखाना उनका धर्म है !……हम अपना भारत स्वाभिमान दल बनायेंगे !….अपने साथ अपना देश उठाएंगे ,…हम प्रभु को पाएंगे !……नववर्ष पर प्रभु स्वर्णिम नववर्षा जरूर करेंगे !…”…………………पंच की बात पर पंचायत में भावपूर्ण तालियाँ बजने लगी …..रुकने पर सूत्रधार बोले …..

“..अब महामहोत्सव में मिलने चलो …हम अपने महान शहीदों को आत्मा से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं !……दोमुंही मगरमच्छी काग्रेस भारत पर कुर्बान लाखों शहीदों को शहीद नहीं आतंकवादी मानती है ,…ऊ सब शहीद हमारे अन्दर जिन्दा हैं ….हमेशा जिन्दा रहेंगे !……..हम कल फिर बैठेंगे और भारत उठने तक बैठे रहेंगे !…. कौनो विषय पर अपने विचार देने वालों का स्वागत है ,….सबलोग लिखकर लाना ,…हम अच्छे विचारों को सबके सामने पढेंगे साथै साथ उनपर मूरख चर्चा होगी !…….”…………………..योग महोत्सव के लिए पंचायत फिर उठ गयी ,…हमें भी चलना चाहिए …..फिर जल्दी मिलने के वचन के साथ !

वन्देमातरम !

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1 प्रतिक्रिया

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Tracen के द्वारा
October 17, 2016

I’m impressed by your writing. Are you a professional or just very knedlewgoable?


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