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मूरख पंचायत ,...पत्र-२

Posted On: 13 Feb, 2014 Others में

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गतांक से आगे ….

…………आप मानवता के उद्धारक दिव्यपुरुष महायोगी हैं !…..आपको शैतानी राजसत्ता को शीर्षासन कराना होगा !…

स्वामीजी ,…आप महान अर्थशास्त्री भी हैं ,…..आपके पास हमारी सब मुसीबतों का हल है ,……आपने कालिख में डूबी अर्थव्यवस्था को शीर्षासन कराने की कारगर नीति दी है !…कालिख चोर लुटेरों के मुंह से निकलेगी ,…देश में शुद्धता का प्रवाह होगा ,…… लूटतंत्र को बेहिसाब बढाने वाले बड़े नोट बंद होंगे तो मजा आ जाएगा …..भ्रष्टेरिया पर मजबूत रोक लगेगी ,……हमारा तमाम कालाधन हमको मिलेगा !….. आजकल ट्रकों में लावारिस हजारी नोट चलते हैं ,….ई काले धन का आतंक अपराध में घातक इस्तेमाल होता होगा …..शातिर पड़ोसी लोग नकली नोट की भरमार किये हैं ,…हमारे जयचंद उनके साथ मिले हैं ,..काली व्यवस्था मिटाने खातिर बड़े नोट बंदी बहुत जरूरी है ,……. सच्चा साहसिक कदम उठाने खातिर आपका हर अभिनन्दन कम है ,………..आज हर हिन्दुस्तानी माचिस से लेकर साइकिल कार डीजल पेट्रोल बिस्कुट रोटी पर भारी कर देता है ,..बत्तीस करों के जाल से हम आजाद होंगे ,..आज बिगड़ी मशीन इंजन गाड़ी ट्रेक्टर शरीर ठीक कराने पर भी कर है ,..कोई टिकट बुक कराने पर कर देना पड़ता है  …बतियाने तक पर मोटा कर है ,..मोबाइल में सौ डालते ही दस बारह रूपये डाकू सत्ता ले जाती है ,……..सेवा को धर्म मानने वाले देश में सेवाकर घोर अन्याय है !…..सेवाकर मानवता से अपराध है ,…लूटतंत्री सत्ताधीश हमारे महापराधी हैं ….उनको निपटाना होगा .

सरल एकल कर नोटबंदी से काले धन का साम्राज्य मिट जाएगा ,….सुरसा जैसी मंहगाई मर जायेगी ,…सौ का माल पचास साठ में मिलेगा ,…डीजल पेट्रोल हर चीज करीबन आधे दाम पर मिलेगी ,……हम जैसे कम आमदनी वाले नागरिक पूरा करमुक्त होंगे …सबकी बचत बढ़ेगी ,…व्यापार मानवता का अंग है ,..ऊ सच्चाई से होगा !…धर्म बढेगा ,….मानवता सुखी होगी …..सौ में चालीस पचास साठ की जगह हम आराम से हंसी ख़ुशी एक दो रुपया कर देंगे !…..कर अधिकारी की तलवार से सहमे व्यापारी उद्दमी चिंतामुक्त धंधा करेंगे !…आज लाखों करोड़ों कमाने वाले नींद की गोली खाते हैं ,…किसी को एक पल का चैन नहीं है ,……अर्थव्यवस्था में सच्चाई निर्भयता आएगी तो पूरा समाज उन्नति करेगा !……लेकिन हवाला पर्ची जैसे दुसरे गुप्त रास्ते खुलने का थोडा भय है !……इसका निदान आपके पास होगा ,..आज जैसा तमाम कर लेना क्रूर सत्ता का अधर्म अपराध है ,..वैसे ….सच्ची राजसत्ता को थोड़ा कर देना मानव धर्म है …अधर्म करने पर दंड होना चाहिए ….समझदार व्यापारी उद्दमी देश समाज से छल करें तो ज्यादा दंड मिलना चाहिए ….

….आप भयानक खतरे में पड़ी मरती शैतानी अर्थव्यवस्था को नया जीवन देने वाले हैं ,…….आपके कदम से निन्यानबे फीसदी भारतीय बहुत खुश होंगे ,…एक फीसदी ताकतवर जरूर छाती पीटेंगे ,..काहे से कि ऊ निन्यानबे फीसदी धन पर कब्ज़ा जमाये हैं ,…. उनका अन्यायी एकाधिकार टूटेगा तो दर्द जरूर होगा !…….नयी व्यवस्था लाना कठिन काम है लेकिन आपकी कर्मठता बेमिशाल है ,…ऊ लगकर रहेगी !…..हम मूरख आपसे विनती करते हैं कि एकल कर प्रणाली में कुछ अंग और होने चाहिए ,….हम गलत हो सकते हैं लेकिन अपने स्वामी से मन की बात कहना भी धर्म है ,..हम कहीं पढ़े समझे थे सही अर्थ से धर्म बढ़ता है ,..धर्म से सुख आएगा …सुखी मानवता और धर्मप्रिय होकर भगवत्ता अपनाएगी !………….आयकर बिलकुल ख़त्म करने की जगह एकल ऊपरी सीमा को चढ़ाना कुछ ठीक लगता है ,…दस बीस लाख आमदनी से ऊपर पांच दस फीसदी आयकर लग सकता है ,…नीचे वाले बोझ से मुक्त और ऊपर वाले धर्मयुक्त देशसेवी होंगे …..अमीर भारतीय ख़ुशी से देशहित करेंगे ,……विभागौ बेचारा जिन्दा रहेगा !……चोर लोगों को जेल में फावड़ा कुदाल पकड़ा देंगे !…….कुछ चीजों पर उत्पाद कर भी लगना चाहिए ,…मानवता खातिर जरूरी उत्पाद सामान बिलकुल करमुक्त होना चाहिए !…..कम जरूरी चीजों पर अठन्नी चवन्नी प्रतिशत कर लग सकता है ,….गैर जरूरी पर दो चार फीसदी कर लग सकता है ,…..नशा विलासिता जैसी हानिकारक चीजों पर कर लादा जाना चाहिए !….प्रकृति पर्यावरण सेहत को नुक्सान पहुचाने वाले उत्पादों पर भारी कर मानवता की जरूरत है ,..आप यही चाहते हैं !……ऊ पैसे सच्ची सरकार मानव सेवा में लगाएगी !……सर्वसुलभ उन्नत सुशिक्षा सही इलाज बिलकुल मुफ्त होना चाहिए !…इअके अलावा आयात निर्यात पर कुछ कर जरूरी लगता है ,…..मानवता पोषक जरूरी चीजों पर बहुत कम शून्य जितना आयात निर्यात कर होना चाहिए !……….जरूरत के हिसाब से कमजरूरी गैरजरूरी हानिकारक चीजों पर भी कर होना चाहिए ,….फालतू चीनी आयात और कच्चे माल का निर्यात रोककर स्वदेशी उद्योग को फिर आसमानी बुलंदी मिलेगी …विदेशी व्यापार का डांवाडोल हालत सुधरेगी !….हम आयात से चौगुना निर्यात करने की ताकत रखते हैं !…..एकल कर प्रणाली देश में नयी जान फूंकेगी !….बढ़िया एकल खिड़की के साथ कुछ सुन्दर झरोखे रखने से भारी मात्रा में शुद्ध हवादार धन देश को मिलेगा ,…भयानक काली सुरंगे मिटेंगी तो अपना देश बहुत शक्तिशाली होगा ,…….आप पांच दस साल में भारत को सबसे ऊपर देखना चाहते हैं ,….आपकी मजबूत मनोकामना जरूर पूरी होगी !……आपकी जय हो ,….भारत की जय हो !…..”……..एकटक सुनते मूरख जैसे जोश में जाग उठे ,……स्वामीजी की .. जय !……भारत माता की जय !!….गगनभेदी नारे लगने लगे ,..मुस्कराकर सूत्रधार भी शामिल हुए ,…..फिर हाथ उठाकर शुरू हुए .

“…स्वामीजी आप सर्वसमर्थ हैं ,…कौनो विषय पर आपको सलाह देने की हैसियत हमारी नहीं है ,…..सब मुद्दे अपनी जगह हैं !…..सब जगह भारी समस्या है ,…सबका सही समाधान आपके पास है !….महान धर्मयुद्ध में आप सत्य के सेनानायक हैं ,…….भारत का संविधान खाऊ विदेशी कचरे से भरा है ,….ई चालबाज संविधान का नतीजा सब समस्या है ,….भारत का दोगला संविधान चालबाज नीतियों से भरा गया है ,…पूज्य बाबा साहेब अम्बेडकर संविधान सभा के मुखिया थे ,…लेकिन उनकी हालत सौ नेहरू छाप कसाइयों में फंसे कबीरदास जैसी रही …फिरौ जो अच्छा है वो उनकी देन है ,….देश उनका आभारी है ,..लेकिन ….अब संविधान में आमूल चूल बदलाव होना देश की जरूरत है ,…..सैकड़ों घातक अंग्रेजी कानून हमको हटाने होंगे ,…न्यायतंत्र में कोई अपराधी बचे नहीं ,..कोई बेक़सूर फंसे नहीं !…….जल जंगल जमीन शासन प्रशासन अधिकार कर्तव्य सबके बारीक दूरदर्शी निरीक्षण का समय है ,………गद्दार लुटेरों ने अपने हितसाधन खातिर बार बार संविधान की इज्जत तार तार करी है ,….अब देश को मानवीय धर्म युक्त संविधान की जरूरत है ,…. ई काम हमको मौजूदा संविधान के अन्दर रहकर करना होगा !….हमारा देश न बिके न लुटे न गिरे .. परोक्ष अपरोक्ष सब गुलामी हटाने की जरूरत है ,…झूठी मक्कार सत्ता का खौफ और झूठ मक्कारी को बढ़ावा बंद होना चाहिए ,…….कानूनी भाषाई नामी गुलामी मिटाने की जरूरत है ,…समाजिक बंटवारे को ख़तम करना होगा !..राज्यों में हितों का टकराव मिटाना होगा ,….सलीके से और नए राज्य भी बनाने होंगे ,….गुलामी के तमाम निशान मिटाने होंगे …स्वर्ग जैसे सुन्दर कश्मीर को फिर स्वर्ग बनाना होगा ,…..खतरनाक भाषाई क्षेत्रीय टकराव मनमुटाव जड़ से ख़तम करने होंगे ,….आज हमारे पूर्वोत्तरी भाई बहन राजधानी में खौफजदा हैं ,…ये शैतानों की साजिश है ….हमारे कुशिक्षित अशिक्षित गधे भी नासमझी मूरखता के शिकार हैं ,….शैतानी हिंसा अपमान मजाक का शिकार समुदाय राष्ट्र से विद्रोह कर सकता है ,…….खतरनाक चीनी ड्रैगन यही चाहता है ,…..गद्दार नेहरूवंशी लूटतंत्र भी यही चाहता है !….भारत के तमाम टुकड़े करना उनकी घोर चाहत है !…..लेकिन आपके रहते ऐसा नही हो सकता है !….अपितु राष्ट्र के बिछड़े टुकड़े एकदिन फिर मिलेंगे ,…..भारत भागवत भूमि है ……आज भले साजिशन देश मूरखों का बना दिया गया हो ,..लेकिन इस घोर मूरखता में महान भगवत्ता छुपी बैठी है ,…वो एकदिन बाहर आएगी और अँधेरे में पिसती दुखी दुनिया को सुखमय उजाला देगी !……………..क्रमशः

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